पीडीएफ क्या है (what is pdf in hindi) – pdf full form in hindi|

हेलो दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम जानने वाले हैं की pdf क्या है? pdf kya hota hai? pdf kya hai hindi| और साथ ही यह भी जानेंगे की pdf ka avishkar kisne kiya tha, pdf full form in hindi, pdf ke fayde, pdf ke nuksaan आदि। आज तक आपने कई बार अपने मोबाइल से या कम्प्यूटर, लैप्टॉप से pdf फ़ाइल को डाउनलोड किया होगा और अपने दोस्तों भाइयों को share भी किया होगा| इसके अलावा आपने बहुत से ऑफ़िस के डॉक्युमेंट को देखा होगा की वह pdf फ़ॉर्मैट में होते हैं| तो क्या आपको पता है की ये pdf kya hota hai (what is pdf in hindi), यदि नही तो हमारे इस आर्टिकल को पूरा लास्ट तक पढ़िए आपको सब समझ आ जाएगा की pdf kya hota hai और pdf file kaise banate hain आदि। तो चलिए शुरू करते हैं।

पीडीएफ का फुल फ़ॉर्म (pdf full form in hindi)

pdf का फुल फ़ॉर्म होता है “portable document format” जिसका हिंदी में अर्थ है “संवहन दस्तावेज स्वरूप” | इसका इस्तेमाल किसी भी फ़ाइल या डॉक्युमेंट को डिजिटल फ़ॉर्म में दिखाने और share करने के लिए किया जाता है।

pdf क्या है ? (what is pdf in hindi)

pdf एक यूनिवर्सल डॉक्युमेंट फ़ॉर्मैट होता है जिसका उपयोग हम अपनी फ़ाइल या डॉक्युमेंट को किसी दूसरे डिवाइस पर डिजिटल फ़ॉर्म में भेजने के लिए करते हैं। pdf को मूलतः Adobe Systems के द्वारा 1990 में बनाया गया था और तब से लेकर अब तक विभिन्न प्रकार के डॉक्युमेंट में इसका उपयोग किया जाता है| pdf एक यूनिवर्सल डॉक्युमेंट फ़ॉर्मैट भी है जिसका उपयोग कई क्षेत्रों में लिया जाता है जैसे कि इसका उपयोग हम शिक्षा के क्षेत्र में, ऑफ़िस के कामों में, किसी भी सरकारी फ़ॉर्म भरते समय भी हम pdf का बहुत प्रकार से उपयोग करते हैं।

pdf की ज़रूरत क्यों होती है ?

जब भी हम किसी image, text, excel file, word file या किसी भी तरह के डॉक्युमेंट फ़ॉर्मैट को एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस में share करते है, मोबाइल से कम्प्यूटर में भेजते हैं या कम्प्यूटर से मोबाइल में भेजते हैं, तो इससे भेजे गए डॉक्युमेंट का फ़ॉर्मैट थोड़ा बदल सा जाता है जिससे हमें आगे चलके बहुत परेशानी होती है|

अब आपके दिमाग़ में एक सवाल ज़रूर आया होगा की डॉक्युमेंट भेजते समय इनका फ़ॉर्मैट क्यू बदल जाता है ? तो इसका जवाब है ऑपरेटिंग सिस्टम और उनके अलग अलग फ़ीचर। क्यूँकि ज़रूरी नही की जिन दो डिवाइसेज़ के बीच में हम फ़ाइल या डॉक्युमेंट को भेज रहे हैं उनका ऑपरेटिंग सिस्टम सेम हो और यह भी ज़रूरी नही की उनमें font style का फ़ीचर सेम हो, क्यूँकि कई बार हमें android मोबाइल से apple के मोबाइल में, मोबाइल से लैप्टॉप में, लैप्टॉप से मोबाइल में डॉक्युमेंट को भेजने की ज़रूरत होती है। और यह ज़रूरी भी नही की जब हम दो android डिवाइसेज़ के बीच डॉक्युमेंट भेज रहे हो तब भी डॉक्युमेंट का फ़ॉर्मैट सेम ही रहे क्यूँकि कई बार mobiles के ऑपरेटिंग सिस्टम के वर्ज़न भी अलग अलग हो सकते हैं जिससे डॉक्युमेंट का फ़ॉर्मैट बदल सकता है|

उदाहरण के द्वारा समझे

मान लीजिए आपके पास एक नया और लेटेस्ट वर्ज़न का लैप्टॉप है और जिसमें आपकी कुछ ज़रूरी डॉक्युमेंट और files हैं जिन्हें आप किसी दूसरे कम्प्यूटर या लैप्टॉप में भेजना चाहते हैं जो की इससे पुराना वर्ज़न का लैप्टॉप है| अब आप डॉक्युमेंट को उस दूसरे लैप्टॉप में भेजने के लिए ईमेल के द्वारा भी भेज सकते हैं, ब्लूटूथ के द्वारा भी भेज सकते हैं, USB केबल के द्वारा भी भेज सकते हैं या पेन ड्राइव के द्वारा भी भेज सकते हैं| यह बिल्कुल मैटर नही करता की आप कैसे अपने डॉक्युमेंट को एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस में भेज रहे हैं।

अब जिस डिवाइस में आप डॉक्युमेंट को भेज रहे हैं वह किसी भी प्रकार का हो सकता है, वह android मोबाइल हो सकता है, आइफ़ोन हो सकता है, किसी कम्पनी का लैप्टॉप हो सकता है, पर्सनल कम्प्यूटर हो सकता है, या फिर android या apple के किसी दूसरे ऑपरेटिंग सिस्टम वर्ज़न का मोबाइल हो सकता है| तो इसीलिए अलग अलग ऑपरेटिंग सिस्टम होने की वजह से भेजे गए डॉक्युमेंट का फ़ॉर्मैट, लेआउट और उसमें लिखे टेक्स्ट का स्टाइल change हो जाता है, जिससे हमें आगे चलकर काफ़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है|

इसी समस्या के निवारण के लिए adobe system ने सन 1990 में pdf का अविष्कार किया| एक ऐसे यूनिवर्सल डॉक्युमेंट फ़ॉर्मैट का अविष्कार किया जो portable हो और जिसे किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम वाले डिवाइस में आसानी से read किया जा सके बिना डॉक्युमेंट में कोई बदलाव किए। इससे हमारी यह सभी प्रॉब्लम दूर हो गयी|

ये एक ऐसा portable document format है जिसे किसी भी मोबाइल, कम्प्यूटर या लैप्टॉप में आसानी से read किया जा सकता है फिर चाहे वो window, linux, unix या कोई भी ऑपरेटिंग सिस्टम हो सभी जगह pdf एक ही तरह से काम करता है।

pdf का इतिहास (History of pdf format)

pdf के विकास का श्रेय पूरी तरह से adobe system को जाता है जिसमें pdf के फ़ाउंडर John warnock और Charles geschke ने पहली बार 1990 में pdf का अविष्कार किया। pdf बनाने का मुख्य उद्देश्य था एक ऐसे यूनिवर्सल डॉक्युमेंट फ़ॉर्मैट को बनाना था जो की सभी ऑपरेटिंग सिस्टम में समान रूप से कार्य कर सके। सन 1990 में pdf के अविष्कार के बाद pdf के बहुत सारे वर्ज़न बनाए गए जिससे की हर आने वाले नए वर्ज़न में कुछ नया update देखने को मिला। pdf का कौन सा वर्ज़न कब बनाया गया उसे आप नीचे देख सकते हैं :

PDF version अविष्कार का वर्ष
pdf 1.01993
pdf 1.11996
pdf 1.21996
pdf 1.32000
pdf 1.42001
pdf 1.52003
pdf 1.62004
pdf 1.72006
pdf 2.02017

पीडीएफ कैसे बनाते हैं (pdf kaise banate hain)

pdf file बनाना बहुत ही आसान काम है आप मोबाइल, कम्प्यूटर या लैप्टॉप किसी में भी pdf फ़ाइल को बना सकते हैं। आप pdf फ़ाइल को दो तरीक़े से बना सकते हैं :

#1. पहला तो आप किसी app या software का इस्तेमाल करके एक new pdf फ़ाइल को बना सकते हैं।

#2. दूसरा तरीक़ा ये की यदि आपके पास पहले से कोई word या excel की फ़ाइल है उसे आप pdf converter का इस्तेमाल्ल करके pdf में कन्वर्ट कर सकते हैं|

बहुत से लोग मोबाइल से pdf बनाना चाहते हैं तो कुछ लोग कम्प्यूटर या लैप्टॉप में| मै आपको दोनो तरीक़े बताऊँगा जिससे आप अपने मोबाइल या कम्प्यूटर में से किसी में भी pdf फ़ाइल को बना सकते हैं, तो चलिए जानते हैं|

पीडीएफ फ़ाइल कैसे बनाएँ मोबाइल से (pdf file kaise banaye mobile se)

मोबाइल से pdf फ़ाइल बनाने के लिए आप इन तरीक़ों का इस्तेमाल कर सकते हैं :

app का इस्तेमाल करके

यदि आप मोबाइल से pdf फ़ाइल बनाना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले अपने google play store पर चले जाना है और वहाँ से कोई भी एक थर्ड पार्टी app इंस्टॉल कर लेना है इसका इस्तेमाल करके आप एक pdf फ़ाइल बना सकते हैं और उसमें आप टेक्स्ट, image और सभी elements का उपयोग करके एक pdf फ़ाइल बना सकते हैं। कुछ पोपुलर ऐप के नाम हैं : pdf maker, pdf scanner, adobe acrobat reader और यदि आपको अपनी किसी फ़ोटो को pdf में कन्वर्ट करना है तो आप image to pdf को इंस्टॉल कर सकते हैं।

website के द्वारा

यदि आप किसी app का इस्तेमाल नही करना चाहते हैं तो आप गूगल में जाकर ऑनलाइन pdf टूल्स का उपयोग कर सकते हैं जिसमें आपको बहुत सारे तरीक़े मिल जाते हैं pdf बनाने के| आप image को pdf में बदल सकते हैं, word फ़ाइल से pdf, excel से pdf और भी बहुत सारे तरीक़ों से आप अपनी pdf फ़ाइल को बना सकते हैं| कुछ पोपुलर ऑनलाइन pdf converter tools हैं जिनके इस्तेमाल से आप एक pdf को बना सकते हैं वो भी कुछ सेकंडो में, जैसे कि : ilovepdf.com, sodapdf.com, freepdfconvert.com, smallpdf.com और भी बहुत सारे websites हैं जिनका उपयोग करके आप pdf बना सकते हैं लेकिन ये कुछ website हैं जो की ज़्यादातर पहले पेज पर रैंक करती हैं।

पीडीएफ फ़ाइल कैसे बनाएँ कम्प्यूटर से (pdf file kaise banaye computer se)

कम्प्यूटर से pdf फ़ाइल बनाने के लिए आप कुछ software का इस्तेमाल कर सकते हैं जैसे की adobe acrobat software, microsoft office और online pdf coverters का इस्तेमाल्ल करके आप कम्प्यूटर में pdf फ़ाइल बना सकते हैं।

पीडीएफ फ़ाइल कैसे खोलें (pdf file kaise kholen)

मोबाइल से

मोबाइल से pdf फ़ाइल खोलने के लिए आप गूगल प्ले स्टोर से कोई भी pdf reader app इंस्टॉल कर सकते हैं जैसे की pdf reader, pdf viewer, ms office, all document reader and viewer आदि।

कम्प्यूटर से

कम्प्यूटर से pdf फ़ाइल खोलने के लिए आप microsoft store पर जाकर कुछ software को इंस्टॉल करके pdf को देख सकते हैं जैसे की Adobe acrobat DC, Adobe acrobat reader DC या फिर आप किसी अन्य थर्ड पार्टी software को भी इंस्टॉल कर सकते हैं।

pdf के फ़ायदे (pdf ke fayde)

  • pdf file को हम किसी भी डिवाइस या ऑपरेटिंग सिस्टम में ओपन कर सकते हैं जो की सभी जगह समान रूप से काम करता है|
  • pdf format वाले डॉक्युमेंट को किसी अन्य डिवाइस में भेजने पर डॉक्युमेंट के फ़ॉर्मैट, लेआउट और font style में कोई बदलाव नही होता।
  • pdf फ़ाइल को आप सुरक्षित भी बना सकते हैं, इसमें आप password लगाकर अपने डॉक्युमेंट को secure बना सकते हैं और unauthorized access से बचा सकते हैं।
  • pdf को compress करने के बाद भी इसके अंदर जो डॉक्युमेंट होता है उसकी क्वालिटी में कोई फ़र्क़ नही पड़ता है|
  • pdf के अंदर आप डॉक्युमेंट में hyperlink को भी add कर सकते हैं|
  • pdf files को read करने के लिए आप किसी भी थर्ड पार्टी app को डाउनलोड करके अपनी pdf फ़ाइल को read कर सकते हैं|
  • pdf फ़ाइल का साइज़ बहुत कम होता है इसीलिए इन्हें आसानी से share किया जा सकता है|
  • pdf file में सर्च का ऑप्शन भी होता है उसमें आप किसी भी इन्फ़र्मेशन को सर्च करके जल्द से जल्द ढूँढ सकते हैं जिससे समय और मेहनत की बचत होती है|
  • pdf file में interactive elements जैसे कि लिंक, बुक्मार्क, audio, video आदि को भी शामिल किया जा सकता है।
  • pdf फ़ाइल को प्रिंट भी किया जा सकता है इससे आप अपने डॉक्युमेंट को फ़िज़िकल रूप में तैयार कर सकते है और कई तरीक़े से इसका उपयोग कर सकते हैं। जैसे कि पोस्टर बनवाना, पर्चे बनवाना आदि।
  • pdf file के आने से e-book बनाना बहुत आसान हो गया है।

पीडीएफ के नुक़सान (pdf ke nuksaan)

  • यदि आप कम्प्यूटर में पहली बार pdf file को ओपन कर रहे हैं तो इसके लिए आपको pdf reader software को इंस्टॉल करना होगा|
  • यदि आपने pdf डॉक्युमेंट में हाई क्वालिटी image और अन्य रीसॉर्सेज़। हैं तो इससे आपके pdf की साइज़ बहुत ज़्यादा बढ़ जाती है |
  • pdf मुख्य रूप से read करने के काम आता है इसीलिए यदि उसमें आपको कुछ एडिट करना हुआ तो इसके लिए आपको अलग से किसी pdf एडिटिंग टूल से इसे एडिट करना होगा।

pdf का अविष्कार किसने किया था ?

pdf का अविष्कार Adobe System के engineers मुख्यतः John warnock और Charles geschke ने किया था जिनका pdf बनाने का मुख्य उद्देश्य एक ऐसे document format को बनाना था जो कि सभी डिवाइसेज़ और ऑपरेटिंग सिस्टम पर ओपन और रीड किया जा सके।

निष्कर्ष

आशा है कि यदि आपने हमारे इस आर्टिकल को पूरा लास्ट तक पढ़ा होगा तो आपको पता चल चुका होगा की pdf kya hai hindi, pdf kya hota hai, what is pdf in hindi, pdf full form in hindi, pdf ka full form आदि।

पूरा लेख पढ़ने के लिए धन्यवाद

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