API क्या है ? API के उपयोग क्या है और API कैसे काम करता है ? पूरी जानकारी|

 API क्या है ? API के उपयोग क्या है और API कैसे काम करता है ? पूरी जानकारी| (What is API In Hindi)

क्या आप जानते हैं API Kya hai in Hindi? (What is API in hindi), क्या आप जानते हैं API का उपयोग क्या है ? और API Full form क्या है? अगर नहीं तो यह आर्टिकल आपके लिए ही है क्योंकि इस आर्टिकल में मैं आपको बताने वाला हूं कि API क्या है ? API कैसे काम करता है ? API के उपयोग क्या है ? API के फायदे क्या है ? और भी API से संबंधित बहुत कुछ|

क्या आपने कभी सोचा है कि आप एक ही एप्प या वेबसाइट्स का उपयोग करते हुए किसी दूसरी वेबसाइट का भी उपयोग कैसे कर पाते है ?  दरअसल एपीआई एक तरीका है जिससे अलग-अलग सॉफ्टवेयर सिस्टम, एप्स, वेबसाइट, application और सर्विसेज एक दूसरे से कम्युनिकेट कर पाते हैं एपीआई की मदद से किसी सॉफ्टवेयर का यूज करने वाला यूजर उस सॉफ्टवेयर के बैक एंड से उस सॉफ्टवेयर के डाटा और फंक्शनैलिटी को एक्सेस कर सकता है API की मदद से दो अलग-अलग सॉफ्टवेयर सिस्टम एक दूसरे के साथ कनेक्ट होकर कम्युनिकेट कर सकते हैं और वह भी बिना किसी डायरेक्ट यूजर इंटरफेस के|तो चलिए जानते है की API क्या है, API Full form in Hindi, API के उपयोग क्या है, API के फायदे क्या हैं और API काम कैसे करता है आदि|

API kya hai in Hindi
API kya hai in Hindi

API क्या है ? (What is API in Hindi) :

API एक इंटरफेस या कहे तो टूल्स का सेट है जो अलग अलग सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन को एक दूसरे के साथ कम्युनिकेट करने की परमिशन देता है|API दूसरे सॉफ्टवेयर एप्लीकेशंस के बीच एक माध्यम का काम करता है और उन्हें डाटा, सर्विसेज और functionality  एक्सचेंज करने में मदद करता है|APIs आमतौर पर वेब डेवलपमेंट, मोबाइल एप डेवलपमेंट और अन्य सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट मैं यूज किए जाते हैं कुछ APIs के उदाहरण फेसबुक और ट्विटर जैसी सोशल मीडिया APIs और पेमेंट और ट्रांजैक्शन से रिलेटेड क्षेत्रों (paytm, google pay, phone pe) आदि में Payment API हैं|

सरल शब्दों में कहा जाए तो API एक तरह से एक ब्रिज का काम करता है जिसकी मदद से एक सॉफ्टवेयर सिस्टम किसी दूसरे सॉफ्टवेयर सिस्टम से डाटा और फंक्शनैलिटी ले सकता है और उसे एक्सेस करके यूज़ कर सकता है|आपको बता दें कि यह API प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के साथ काम करके अलग-अलग सॉफ्टवेयर सिस्टम्स को एक साथ जोड़ने में भी मदद करता है| API को यूज करने के लिए API कोड की जरूरत पड़ती है इस code में API को कैसे यूज़ किया जाए और API डाटा और फंक्शंस को कैसे एक्सेस किया जाए सब कुछ लिखा होता है|

इस API का यूज करके किसी भी सॉफ्टवेयर डेवलपर को किसी भी API को अपने सॉफ्टवेयर सिस्टम में इंटीग्रेट करने और उसे यूज करने में आसानी होती है एक API के जरिए एक सॉफ्टवेयर सिस्टम दूसरे सिस्टम से उसके डाटा और फंक्शनैलिटी ले सकता है, इससे फायदा यह होता है एक सॉफ्टवेयर सिस्टम को किसी भी फंक्शन को खुद से बनाने की जरूरत नहीं होती है| इसके अलावा एक API की मदद से एक सॉफ्टवेयर सिस्टम अपने यूजर्स को और भी ज्यादा फंक्शनैलिटी प्रोवाइड कर सकता है|

एपीआई के use से कई सारी सर्विसेज और प्रोडक्ट्स आपको आसानी से प्रोवाइड हो सकते हैं जैसे कि आप किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के एपीआई का यूज करके एक वेबसाइट में सोशल मीडिया शेयरिंग बटन को इंटीग्रेट कर सकते हैं या फिर आप एक ऑनलाइन स्टोर के API का यूज करके अपने कस्टमर को प्रोडक्ट्स के रिलेटेड इंफॉर्मेशन प्रोवाइड कर सकते हैं|

API की वजह से आजकल बहुत से अलग-अलग सर्विसेज और प्रोडक्ट्स एक दूसरे से कनेक्टेड है इससे यूजर को अपने काम को आसान बनाने में मदद मिलती है API का यूज करना एक सॉफ्टवेयर डेवलपर के लिए बहुत जरूरी होता है जिससे उसको अपने सॉफ्टवेयर सिस्टम्स को और भी पावरफुल बनाने में आसानी हो जाती है|

इन्हें भी देखें :

IP Address क्या है ? 

API की फुल फॉर्म क्या होती है (What is Full Form of API)

API का फुल फॉर्म “Application Programming Interface” है| जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है की Application को प्रोग्राम करने वाला interface|

API का इतिहास क्या है (History of API)

एपीआई का इतिहास काफी लंबा है और जैसा कि इसके उपयोग से पता चलता है कि इसका उपयोग टेक्नोलॉजी में बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है पहले जब एक एप्लीकेशन दूसरे एप्लीकेशन से कम्युनिकेट करना चाहती थी तो इसके लिए एक proprietary इंटरफेस को उपयोग में लाया जाता था जिसे डेवलपर्स खुद ही डबल करते थे लेकिन यह तरीका मैनेज करने में बहुत ही ज्यादा complicated, कठिन और costly था|

फिर 1960s में IBM ने API के यूज़ के लिए एक नए कांसेप्ट दुनिया के सामने लाया जिसे “service Oriented Architecture” (SOA) कहते हैं|SOA में अलग अलग सॉफ्टवेयर कंपोनेंट्स को एक unified communication प्रोटोकोल के जरिए इंटीग्रेट किया जाता था|

और बाद में 2000s में वेब एपीओएस के आने से डेवलपर्स को REST (Representational State Transfer) आर्किटेक्चर का उपयोग करके वेब सर्विसेज डेवलप करने का मौका मिला|

RESTful APIs, HTTP रिक्वेस्ट के द्वारा कम्युनिकेट करते हैं और डाटा और फंक्शनैलिटी एक्सचेंज करते हैं| आजकल यह दिया इसके जरिए अलग सॉफ्टवेयर कंप्लेंट्स को इंटीग्रेट करने के लिए स्टैंडर्डाइज्ड प्रोटोकॉल का उपयोग किया जाता है, जैसे की JSON, XML और SOAP|

एपी आईज के आने से सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में बहुत से इंप्रूवमेंट हुए हैं और आज APIs बिजनेस के लिए एक इंपॉर्टेंट पार्ट बन चुका है|

API कैसे काम करता है ?

API एक ऐसी टेक्नोलॉजी है जो एक एप्लीकेशन के साथ दूसरे एप्लीकेशन को कम्युनिकेशन प्रोवाइड कराती है API एक सेट ऑफ प्रोटोकॉल्स का उपयोग करते हैं जैसे कि REST (Representational State Transfer) और SOP (Simple Object Access Protocol)|

जब एक एप्लीकेशन API के द्वारा दूसरी एप्लीकेशन से कम्युनिकेट करना चाहती है तो वह API server को एक रिक्वेस्ट सेंड करती है जो की HTTP Request के फॉर्म में होती है यह रिक्वेस्ट API के सर्वर तक पहुंचती है इसके बाद API server यह Request देखती हैं और उसके बाद जरूरी डेटा और फंक्शनैलिटी को चेक करती है उसके बाद सर्वर रिस्पांस के फॉर्म में डाटा और फंक्शनैलिटी को सेंड करती है और यह रिस्पांस क्लाइंट एप्लीकेशन तक पहुंच जाती है इस प्रकार से API हमारे रोजमर्रा के काम में बहुत ज्यादा उपयोगी है|

API के प्रकार क्या है (Types of API in Hindi)

यहां APIs के कुछ प्रकार हैं, जो की निम्न हैं :

Procedural Oriented :

ये APIs विशेष कार्य को करने के लिए एक सेट ऑफ फंक्शंस या प्रोसीजर को एक्सपोज करते हैं|API का caller डाटा को API में सेंड करता है और API उसे प्रोसेस करके रिजल्ट रिटर्न कर देता है|

Object Oriented :

यह APIs object को एक्सपोज करते हैं जिसमें डाटा और फंक्शन दोनों एक यूनिट में encapsulated होते हैं इसमें API का कॉलर एक object को यूज करता है जो इंटरनल स्टेट को ट्रैक करता है और एक्शंस परफॉर्म करता है|

Service Oriented :

यह APIs मल्टीपल सर्विसेस को combine करते हैं और एक सिंगल इंटरफेस प्रोवाइड करते हैं जिससे यूजर की मांगे पूरी होती है| ये APIs Typically Destributed Environment में यूज किए जाते है|

Resource Oriented :

ये APIs, Resource जैसे की URLs, files, database आदि को एक्सपोज करते हैं| इसमें API का कॉलर रिक्वेस्ट को API में भेजता है जो उस रिसोर्स को मैनिपुलेट करता है और रिजल्ट आगे क्लाइंट एप्लीकेशन को रिटर्न कर देता है|

API के उपयोग क्या है (Uses of API in Hindi)

API अलग-अलग सॉफ्टवेयर एप्लीकेशंस के बीच एक ब्रिज की तरह काम करता है जिससे डाटा को ट्रांसफर किया जा सकता है, अलग-अलग एप्लीकेशंस को इंटीग्रेट किया जा सकता है और थर्ड पार्टी एप्लीकेशन के साथ कम्युनिकेट किया जा सकता है|API का उपयोग करके डेवलपर्स और बिजनेस मैन अपनी एप्लीकेशंस को improve और enhance कर सकते हैं|

API का उपयोग कई प्रकार से किया जा सकता है जैसे कि एक ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट अपने API का उपयोग करके अपने कस्टमर्स को एक बेहतर अनुभव प्रदान कर सकती है| API का उपयोग प्रोडक्ट एंड पेमेंट बेस्ट बिजनेस में भी किया जा सकता है|

अगर कोई कस्टमर चाहता है कि वह अपना Amazon account का उपयोग करके एक प्रोडक्ट purchase करें तो Amazon API का उपयोग करके यह काम बहुत ही आसानी से किया जा सकता है|

इसके अलावा एक सोशल मीडिया एप्लीकेशन भी अपनी API का उपयोग करके अलग अलग प्लेटफार्म के साथ कनेक्ट कर सकती है इससे यूजर को अपने अकाउंट को sync करने में मदद मिलती है और उन्हें अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स को मैनेज करने में आसानी होती है|

API के उपयोग बहुत ही ज्यादा है, एक एपीआई के उपयोग से किसी भी सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन का एक्सेस ओपन या प्राइवेट भी हो सकता है|

जैसे कि एक कंपनी के द्वारा बनाई गई एप्लीकेशन सिर्फ उनकी एम्प्लॉय के लिए ही एक्सेसिबल हो सकती है ऐसे में एपीआई के जरिए उनके employe ही उस एप्लीकेशन का उपयोग कर सकते हैं बाकी जो उस कंपनी के बाहर का होगा वह उस एप्लीकेशन को यूज नहीं कर पाएगा|

यही दूसरी कंपनी का API पब्लिक भी हो सकता है जिससे कोई भी डेवलपर उसका उपयोग कर सकते हैं और एक नई एप्लीकेशन बना सकते हैं|

इन सभी उपयोग के अलावा API का उपयोग बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स में भी किया जा सकता है जैसे कि Google map एप्लीकेशन में लोकेशन ट्रैकिंग और नेविगेशन जैसी सुविधा दी जा सकती है इसके अलावा payment Gateways भी अपने APIs का उपयोग करके अलग अलग application को integrate करते हैं और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के लिए सिक्योरिटी और convenience प्रोवाइड करते हैं|

इन्हें भी देखें :

कंप्यूटर नेटवर्क क्या है ?

क्या API सुरक्षित है ? (Is API Safe ?)

APIs हमारे लिए सुरक्षित हैं क्योंकि उन्हें सिक्योर कोडिंग प्रैक्टिस और सिक्योरिटी के साथ डिजाइन किया जाता है| APIs का उपयोग किसी भी एप्लीकेशन या सर्विस के लिए किया जा सकता है जैसे कि ऑनलाइन बैंकिंग, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, ई-कॉमर्स वेबसाइट, हेल्थ केयर सर्विसेज आदि इन सभी एप्लीकेशंस और सर्विसेज में API का उपयोग होता है|

APIs सेंसेटिव डाटा के साथ जुड़ी हुई होती है जैसे की फाइनेंशियल इंफॉर्मेशन, पर्सनल इंफॉर्मेशन और मेडिकल रिकॉर्ड्स आदि| इसीलिए APIs को सुरक्षित रखना बहुत ही जरूरी हो जाता है|

API का उपयोग करने से यूजर को डायरेक्टली एप्लीकेशन या सर्विस का एक्सेस नहीं हो जाता है बल्कि यूजर API के द्वारा किसी भी एप्लीकेशन या सर्विस का एक्सेस लेता है|इससे सिक्योरिटी का लेवल बहुत ही हाई हो जाता है क्योंकि APIs का एक्सेस बहुत ही सुरक्षित होता है APIs का उपयोग करने से एप्लीकेशन और सर्विसेज बहत ही safe and secure होते हैं और इन्हें cyber attacks और हैकिंग आदि से बचाया जा सकता है|

APIs को सुरक्षित बनाने के लिए APIs में encryption, authentication और authorization का उपयोग किया जाता है|जब API के डेवलपर API को बनाते हैं तो इस दौरान वह सिक्योरिटी के संबंध में बहुत ही ज्यादा जागरूक होते हैं और वह API में सिक्योरिटी से संबंधित फीचर भी ऐड करते हैं|

एपीआई का उपयोग करके बहुत से ऑनलाइन काम किए जा सकते हैं जैसे कि ऑनलाइन पेमेंट ,ऑनलाइन बैंकिंग, ऑनलाइन बुकिंग ,ऑनलाइन शॉपिंग आदि यह सभी काम बहुत ही सिक्योर होते हैं क्योंकि इनमें एपीआई का उपयोग किया जाता है|

इसके अलावा एपीआई के द्वारा बहुत से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी यूज किए जाते हैं जिससे यूजर को किसी दूसरे यूजर से जुड़ी हुई इंफॉर्मेशन शेयर करने का मौका मिलता है और उन्हें जानने का मौका मिलता है|

API के फायदे क्या हैं (Advantages of API)

1. Reusability : API को एक बार बनाने के बाद उसे बार-बार यूज़ किया जाता है इससे फायदा यह होता है की डेवलपर के समय और मेहनत दोनों बचते हैं|

2. समय की बचत : API की मदद से हम बहुत सारे ऑनलाइन कामों को ऑटोमेट कर सकते हैं जिससे हम अपने समय को और भी कामों के लिए बचा सकते हैं|

3. Flexibility : एपीआई का उपयोग बहुत से अलग-अलग प्लेटफार्मऔर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में किया जा सकता है इससे डेवलपर्स को अपने choice के प्लेटफार्म और प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का उपयोग करने का मौका मिलता है|

4. Security: API के द्वारा सिक्योर और इंक्रिप्टेड कम्युनिकेशन होती है| API में ऑथेंटिकेशन और ऑथराइजेशन का उपयोग करके एक्सेस कंट्रोल और सिक्योरिटी मेजर ऐड किए जा सकते हैं|

5. पैसे की बचत : API का उपयोग काम को ऑटोमेट करने में और डेवलपर्स को टाइम और effort बचाने में मदद करता है, इससे उन्हें अपने काम को पूरा करवाने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती है|

API के उदाहरण (Examples of API)

वैसे तो इंटरनेट में बहुत सारे API मौजूद है लेकिन आज मैं आपको कुछ प्रमुख APIs के बारे में बताने जा रहा हूं जो आपको नीचे देख रहे हैं :

1. Web APIs :

Web APIs HTTP Request और Response के द्वारा काम करते हैं और HTTP, HTTPS और REST प्रोटोकॉल्स का उपयोग करके डाटा को शेयर करते हैं| web APIs के द्वारा अलग अलग सिस्टम और एप्लीकेशन को इंटीग्रेट किया जा सकता है|

2. Mobile APIs :

मोबाइल APIs मोबाइल एप्लीकेशन डेवलपमेंट के लिए बनाए जाते हैं इन APIs का उपयोग मोबाइल फ्लेटफॉर्म्स पर एप्लीकेशन बनाने के लिए किया जाता है|

3. Operating system APIs :

Operating system APIs, जैसे की Windows system APIs, MAC APIs और Linux APIs, operating system के फंक्शन और रिसोर्स के लिए बनाए जाते हैं इन एपीआई के द्वारा ऑपरेटिंग सिस्टम और एप्लीकेशंस के बीच का इंटरेक्शन संभव होता है|

4. Database APIs :

डेटाबेस एपीआई डेटाबेस एक्सेस करने के लिए बनाए जाते हैं इन APIs के द्वारा डेटाबेस से डाटा read और write करने के लिए किया जा है|इसके उदाहरण हैं : MYSQL APIs, Oracle APIs, MongoDB APIs आदि|

5. Hardware APIs :

Hardware API हार्डवेयर डिवाइसेज और ड्राइवर के लिए बनाए जाते हैं| इन एपीआई के द्वारा हार्डवेयर डिवाइसेज और एप्लीकेशंस के बीच का कम्युनिकेशन हो सकता है| इसके उदाहरण हैं : Hardware APIs, USB APIs, Bluetooth APIs आदि|

6. Messaging APIs :

Messaging API मैसेजिंग सुविधा के लिए बनाए जाते हैं इन्हें APIs के द्वारा एप्लीकेशन से मैसेज और नोटिफिकेशन सेंड और रिसीव किए जा सकते हैं|इसके उदाहरण हैं : Messaging APIs, SMS APIs, Email APIs आदि|

7. Payment APIs :

पेमेंट APIs ट्रांजैक्शन और ऑनलाइन पेमेंट जैसी सर्विस प्रोवाइड करने के लिए बनाई जाती है, इन APIs के उपयोग के द्वारा ही आज के जमाने में Online Transaction और Payment संभव है|

Conclusion :

अब तो आप जान ही गए होंगे की API क्या है (What is API in hindi), API kya hai in Hindi,  API के उपयोग क्या है , API के फायदे क्या हैं और API कैसे काम करता है ? यदि आपको हमारी यह पोस्ट (API क्या है ? What is API in hindi) अच्छी लगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करें |

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