Operating System क्या है ? परिभाषा, प्रकार, कार्य, विशेषताएं हिंदी में| What is Operating System in Hindi|

What is Operating System in Hindi|
What is Operating System in Hindi|

Operating System :

यदि आप कंप्यूटर चलाते हैं मोबाइल चलाते हैं या कंप्यूटर से रिलेटेड कोई भी कोर्स कर रहे हैं तो उसमें आपने ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System) का नाम तो जरूर सुना होगा, आखिर ये ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है ? जो स्मार्टफोन, कंप्यूटर और छोटी-छोटी मशीनों से लेकर ATM मशीन और Robots तक में यूज होता है आखिर इन मशीनों को चलाने के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम क्या कार्य करता है (आपरेटिंग सिस्टम के क्या कार्य है)|

यदि मोबाइल कंप्यूटर और ऐसी सभी छोटी बड़ी मशीनें जिनमें ऑपरेटिंग सिस्टम यूज होता है उनमें यदि ऑपरेटिंग सिस्टम ना हो तो इससे मशीनों पर क्या प्रभाव पड़ेगा ? क्या वह चल भी पाएगी या नहीं ?

 ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है ? ऑपरेटिंग सिस्टम के मुख्य कार्य क्या हैं ? ऑपरेटिंग सिस्टम कितने प्रकार के होते हैं ? ऑपरेटिंग सिस्टम की विशेषताएं क्या है ? ऑपरेटिंग सिस्टम के उदाहरण क्या हैं ?  इन सभी सवालों का जवाब आपको आज हमारे इस आर्टिकल में मिल जाएगा आपको कही और भटकने की जरूरत नहीं है|

आज के इस आर्टिकल में मैने Operating System से संबंधित सभी जरूरी प्रश्नों को कवर करने की कोशिश की है जैसे की what is operating system in hindi, operating system kya hai, operating system ke prakar, operating system ke karya, operating system ke types in hindi, operating system ko samjhaiye आदि | आशा है आपको हमारा यह आर्टिकल जरूर पसंद आएगा|

Operating System क्या है ? What is Operating System in Hindi :

जिस तरह हमारा कंप्यूटर दो चीजों Software और Hardware से मिलकर बना है जिसमें Hardware में ऐसी चीजें आती हैं जिन्हें हम छू (touch) सकते हैं जैसे कि हमारा Keyboard, Mouse, Printer, Mic Speaker,Monitor आदि और Software में वह चीजें आती हैं जिन्हें हम छू नहीं सकते हैं जैसे कि हमारे प्रोग्राम, कंप्यूटर में चलने वाले Apps, Software जैसे कि Mozilla Firefox, Chrome Browser, VLC media player, ms word, ms office, ms Excel etc यह सभी सिस्टम सॉफ्टवेयर हैं|

उसी प्रकार से ऑपरेटिंग सिस्टम हमारे कंप्यूटर का मेन सिस्टम सॉफ्टवेयर होता है जिससे कि यह सभी सॉफ्टवेयर कंप्यूटर में रन कर पाते हैं|

बिना ऑपरेटिंग सिस्टम के हम अपने कंप्यूटर में एक भी Task परफॉर्म नहीं कर पाएंगे यहां तक की बिना ऑपरेटिंग सिस्टम के हम अपने कंप्यूटर में कोई भी हार्डवेयर डिवाइस (mouse, keyboard, Mic etc) और साथ ही सॉफ्टवेयर (Chrome, ms word, etc) को भी Access नहीं कर पाएंगे| 

बिना Operating System हमारा कंप्यूटर एक डब्बे के समान है, जिससे हम कोई भी काम नहीं करवा सकते|

Operating System क्या है ? What is Operating System in Hindi :

 

ऑपरेटिंग सिस्टम एक System Software है जिसे हम शॉर्टफॉर्म में OS भी कहते हैं| दरअसल ऑपरेटिंग सिस्टम बहुत सारे प्रोग्राम्स का एक सेट (Set Of Programs) होता है जिसमें कंप्यूटर के लिए अनगिनत Instructions (निर्देश) होते हैं जिनके द्वारा कंप्यूटर सही तरीके से हमारे द्वारा दी गई कमांड के अनुसार काम कर पाता है|

 ऑपरेटिंग सिस्टम हमारे कंप्यूटर का Main Software होता है जो कंप्यूटर में उपस्थित सारे Programs और अन्य सॉफ्टवेयर जैसे की (Chrome Browser, VLC player, ms Excel, ms word) आदि को चलाता है या चलाने के लिए निर्देश देता है|

बिना Operating System के हम अपने कंप्यूटर में किसी भी software को नहीं चला सकते, क्युकी Operating System को भी अन्य programs और softwares की तरह ही Coding और Programming करके ही बनाया जाता है जिसमे छोटे से लेकर बड़े task को परफॉर्म करने के लिए अनगिनत निर्देश (instructions) लिखे होते है, और इन्ही निर्देशों के द्वारा ही हमारा कंप्यूटर चल पाता है और कोई भी Task परफॉर्म कर पता है|

यह कहना गलत नही होगा की, बिना ऑपरेटिंग सिस्टम के कंप्यूटर मात्र एक निर्जीव वस्तु के समान है जिसमे ऑपरेटिंग सिस्टम इस बेजान मशीन में और सभी Hardware Devices में जान डालने का काम करता है|

दूसरे शब्दों में कहें तो ऑपरेटिंग सिस्टम, Users और Computer System के बीच interface की तरह कार्य करता है या यूं कहें कि Operating System  हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के बीच तालमेल बनाने, Communicate करने और सामंजस्य स्थापित करने का काम करता है|जिससे की हम कंप्यूटर से अपना मनचाहा काम करवा सकें|

Operating System कैसे काम करता है (How Operating System Works in Hindi) :

अब सवाल यह आता है की ऑपरेटिंग सिस्टम काम कैसे करता है (How Operating System Works) वैसे तो ऊपर पढ़ने के बाद आपको पता चल ही गया होगा की ऑपरेटिंग सिस्टम एक ऐसा सिस्टम सॉफ्टवेयर होता है जो हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के बीच में Communication कराने में मदद करता है इसके पास सभी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को अपने तरीके से चलाने का कंट्रोल होता है यह उनसे जो काम करवाना चाहे वह काम करवा सकता है|

लेकिन फिर भी चलिए एक सिंपल से उदाहरण से मैं आपको बताता हूं कि ऑपरेटिंग सिस्टम आखिर कंप्यूटर में काम कैसे करता है ?

With Example –

अब जैसे मान के चलिए की आपको कंप्यूटर में आपकी कोई एक Favourite मूवी देखनी है तो आप सबसे पहले उस मूवी को देखने के लिए उस पर डबल क्लिक करेंगे, जैसे ही आप माउस के द्वारा डबल क्लिक करेंगे, ऑपरेटिंग सिस्टम माउस के जरिए इनपुट ग्रहण करेगा और उस मूवी को चलाने के लिए जो जो भी चीजें (Resources) की जरूरत है उन सभी रिसोर्सेज को कंप्यूटर को प्रदान करेगा (जैसे कि मूवी किस सॉफ्टवेयर पर चलेगी उसे ओपन करने के लिए जरूरी फाइल्स का एक्सेस देगा, मूवी की ऑडियो के लिए स्पीकर से कम्युनिकेट करेगा, आदि) इस तरह से एक मूवी को चलाने के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम Multiple Tasks को परफॉर्म करते हुए उस मूवी को हमारे सामने दिखा देगा|

Operating System कितने प्रकार के होते हैं (Types of Operating System in Hindi) :

अब बात करते हैं की कार्य और क्षमता (Work & Capacity) के अनुसार Operating System कितने प्रकार के होते हैं, तो चलिए एक एक करके इनके बारे में जानते हैं|

Batch Processing Operating System :

Batch processing operating system का उपयोग वहां किया जाता है जहां कम समय में ज्यादा डाटा प्रोसेस करने की जरूरत पड़ती है| Batch operating system में एक समान वाले कार्यों को एक समूह में रखकर ऑपरेटर की मदद से एक Batch बना लिया जाता है या फिर कहे तो समूह बना लिया जाता है फिर इसके बाद एक-एक करके सभी बैच को Execute किया जाता है इससे हमें सभी कार्यों को एक-एक करके Execute करने की जरूरत नहीं पड़ती बल्कि same कार्यों वाले Batches को एक एक करके Execute करते हैं, जिससे टाइम की बचत होती है|

With Example –

उदाहरण के लिए मान लीजिए कि हमारे पास कंप्यूटर में 30 प्रोग्राम है जिनमें C लैंग्वेज , C++ लैंग्वेज और Java language के  प्रोग्राम हैं जिन्हें हमें Execute करना है तो यदि हम इन सभी 30 Programs को एक-एक करके एग्जीक्यूट करेंगे तो ऑपरेटिंग सिस्टम को बार-बार हर लैंग्वेज के लिए अलग-अलग Compilar लोड करना पड़ेगा जिससे बहुत ज्यादा टाइम खर्च होगा|

लेकिन यदि हम Batch operating System का Use करेंगे तो ऑपरेटिंग सिस्टम इन तीनों लैंग्वेज के Programs के लिए अलग अलग बैच (समूह) बना लेगा और इसी तरह C Language का अलग बैच, C++ के लिए अलग बैच और Java के लिए अलग बैच बन जायेगा और तीनों Batches को एक एक करके Execute कर देगा जिससे हमारे प्रोग्राम जल्दी Execute होंगे और Time की बचत होगी|

Time Sharing Operating System :

Time Sharing Operating System को Multi Tasking Operating System भी कहा जाता है| इस तरह के Operating System में हर Execute होने वाले प्रोग्राम के बीच में Time को Share करके Program का Execution किया जाता है| जैसे की नाम से ही पता चलता है – Time Sharing अर्थात समय को बांटना|

With Example –

अब जैसे यदि उदाहरण के माध्यम से समझें तो जैसे यदि आपको 10 प्रोग्राम्स को Execute करना है तो Time Sharing Operating System इन सभी प्रोग्राम के बीच में लगने वाले टाइम को सभी Programs के बीच शेयर कर देगा कि किस प्रोग्राम को एग्जीक्यूट होने में कितना समय लगेगा| जैसे यदि कोई बड़ा प्रोग्राम है तो उसको थोड़ा ज्यादा टाइम Provide करेगा और यदि कोई छोटा सा प्रोग्राम है तो उसको थोड़ा सा कम टाइम देगा इस तरह उनकी Size के आधार हर प्रोग्राम को Time share कर देगा और Time share करने के बाद उन्हें एक के बाद एक करके Execute कर देगा|

Distributed Operating System :

Distributed Operating System में यूजर के पास अनेक System होते हैं जिसमें सभी सिस्टम के पास अपने खुद के Resources होते हैं जैसे कि CPU, Memory, Hard disk आदि होते हैं| यह सभी सिस्टम एक Shared Communication नेटवर्क के द्वारा आपस में जुड़े रहते हैं जिसके कारण इसमें Remote Access भी होता है इसका मतलब User एक सिस्टम द्वारा दूसरे सिस्टम के डाटा को एक्सेस भी कर सकता है|

Destributed Operating System में प्रोसेस किए जाने वाले कार्य को हर सिस्टम में अलग-अलग बांट दिया जाता है जिससे कि कार्य जल्दी होता है और समय की बचत होती है|

Real Time Operating System :

Real Time ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग तब किया जाता है जब हमें एक निश्चित समय पर आउटपुट (Response) की जरूरत पड़ती है मतलब कि इसमें 1 सेकंड का भी Delay नहीं होना चाहिए| यदि हमें बहुत ही कम समय में और बहुत बड़ी संख्या में रिक्वेस्ट को प्रोसेस करनी है तो इस स्थिति में हमें रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम उपयोग करना चाहिए|

With Example –

 इसका उदाहरण आप इससे समझ सकते हैं कि जब मिसाइल को लॉन्च किया जाता है तो Launch हुए मिसाइल की Exact लोकेशन पता करने के लिए हमें रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग करना पड़ता है ताकि हमें एक मिनी सेकंड की रियल टाइम लोकेशन भी पता हो सके की इस टाइम पर अभी मिसाइल कहां पर है और उसकी लोकेशन और Condition क्या है| क्युकी यदि ऐसे Time के पक्के कामों में थोड़ी सी भी देरी हुई तो यह बहुत ही खतरनाक साबित हो सकता है|

अब चूंकि यहां हम Real Time Operating System का उपयोग करते है तो यह मिसाइल की पल पल की जानकारी भी User को send करता रहता है जिससे उन्हें पता चल पता है की अभी मिसाइल कहा तक पहुंचा और उसकी Real Time लोकेशन और कंडीशन क्या है|

Embedded Operating System :

Embedded Operating System को Non-Computer Devices के लिए बनाया गया है मतलब उनके लिए बनाया गया है जो Computer नही है| उदाहरण के लिए जैसे की Lift, ATM Machine, Petrol pump, Smart Phones, Smart Watch आदि|इन सभी Non Computer Devices में Ambedded Operating System ही Use किया जाता है|

अब चूंकि Ambedded OS को अलग अलग डिवाइसेज में Use करने के लिए बनाया गया है तो अब तो आपको पता चल ही गया होगा की Ambedded Operating System को अलग अलग Devices के लिए अलग अलग रूप में अलग अलग Structure का बनाया जाता है| जैसे की Lift के लिए बनाया गया Operating System केवल Lift पर ही काम करेगा, ATM Machine के लिए बनाया गया OS केवल ATM पर ही काम करेगा उसके अलावा और किसी पर नही|

Operating System के कार्य (What is The Use Of Operating System in hindi) :

Memory Management :

ऑपरेटिंग सिस्टम memory management  का काम भी करता है| हम सब जानते हैं कि Computer में दो तरह की मेमोरी होती है एक Primary Memory, जिसमें हमारी RAM (Random Access memory) और ROM (Read Only Memory) शामिल होती है और दूसरी है Secondary Memory, जिसमें हमारे कंप्यूटर की Hard Disk, CD, DVD और दूसरी चीजें आती है|

जब हम अपने कंप्यूटर में किसी Software (Chrome, Firefox, ms word, ms Excel) को ओपन करते हैं तो वह सबसे पहले Hard Disk से उठकर RAM में आता है जिसमे उसे रन होने के लिए मेमोरी की जरूरत पड़ती है|यह मेमोरी Softwares को कौन देता है ? ऑपरेटिंग सिस्टम ही तो देता है|

इस तरह जब आप अपने कंप्यूटर में बहुत सारे Multiple Programs को रन करते हैं तो किस प्रोग्राम को कितनी मेमोरी देनी है, कितनी RAM देनी है और कितनी ROM देनी है यह सब ऑपरेटिंग सिस्टम ही तय करता है|

 साथ ही नए शुरू होने वाले या नए डाउनलोड किए गए सॉफ्टवेयर्स को हार्ड डिस्क में स्टोर होने के लिए कितनी Memory देनी है और उसे RAM में ओपन करने के लिए कितनी RAM Allocate करनी है यह भी एक Operating System का ही कार्य है|

और साथ ही जब किसी सॉफ्टवेयर को RAM से हटाना हो या क्लोज करना हो या फिर किसी Software को कंप्यूटर से पूरी तरह से डिलीट भी करना हो तो उस Software से दी गई memory वापस लेने की जिम्मेदारी भी एक ऑपरेटिंग सिस्टम की ही होती है|

File Management :

Operating System का एक और मुख्य कार्य है File Management , अर्थात ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर की सभी फाइलों को मैनेज करने का काम भी करता है| इस बात को आप एंड्राइड मोबाइल पर भी लगा सकते हो जैसे कि आप अपने जरूरी Documents, Photo और Video को मोबाइल की स्टोरेज में स्टोर करने के लिए बहुत सारी फाइल्स और Directories बनाते हैं  इन सभी फाइल्स को ऑपरेटिंग सिस्टम ही मैनेज करता है| Computer में किसी एक Particular फाइल को ढूंढना नाकों चने चबाने जैसा होता है लेकिन आप किसी फाइल को जल्द से जल्द और कम से कम समय में प्राप्त कर सके इसके लिए ऑपरेटिंग सिस्टम सभी फाइल्स को एक डाटा स्ट्रक्चर के रूप में मैनेज करके रखता है|

जैसे कि यदि आपने कंप्यूटर चलाया है तो आपने भी फाइल मैनेजर में जाकर देखा होगा की यदि आपको फाइल ढूंढनी है तो उसके लिए आप एक एक करके फाइल को ढूंढने की बजाय search box में फाइल name को डालकर जल्द से जल्द अपनी फाइल को प्राप्त कर सकते है या फिर “Short By” Option में जाकर भी आप अपनी फाइल को Type, Size, Format, Date Modefied आदि को सिलेक्ट करके भी अपनी फाइल को कम समय में प्राप्त कर सकते हैं|

Device Management :

कंप्यूटर से कनेक्टेड सभी हार्डवेयर डिवाइसेज को कंप्यूटर में चलाने के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम मुख्य रूप से सहायक है| एक कंप्यूटर से बहुत सारी हार्डवेयर डिवाइसेज कनेक्टेड होती हैं जैसे कि Keyboard, Mouse, Printer, Mic, Speaker, WebCam, Monitors, Storage Devices, Wireless Devices आदि|

 इन सभी डिवाइसेज को कंप्यूटर से कम्युनिकेट कराने के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम की जरूरत पड़ती है कंप्यूटर में हार्डवेयर डिवाइसेज को यूज करने के लिए जो भी रिसोर्सेज चाहिए होते है वह ऑपरेटिंग सिस्टम इन सभी हार्डवेयर डिवाइसेज को प्रोवाइड करता है और उन्हें कंप्यूटर में चलने योग्य बनाता है|

ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर से कनेक्टेड सभी डिवाइसेज की पूरी इंफॉर्मेशन रखता है की किस सॉफ्टवेयर को कौन सा डिवाइस देना है, कितने समय के लिए देना है इन सभी Hardware Devices को मैनेज करने की पूरी जिम्मेदारी ऑपरेटिंग सिस्टम की होती है|

जैसे यदि आपको कंप्यूटर में कोई गाना प्ले करना हो तो उसके लिए सबसे पहले आप ऑडियो प्ले करने वाले किसी भी सॉफ्टवेयर को ओपन करेंगे अब क्योंकि सॉन्ग प्ले करने के लिए स्पीकर जरूरी है इसलिए ऑपरेटिंग सिस्टम वह सभी रिसोर्सेज स्पीकर को प्रोवाइड करेगा जिससे Speaker, Audio player सॉफ्टवेयर से कम्युनिकेट हो सके और ऑडियो प्ले कर सके|

CPU Management :

कंप्यूटर में छोटे से छोटा और बड़े से बड़ा काम, process या Task परफॉर्म करने के लिए प्रोसेसर (CPU) की जरूरत पड़ती है बिना प्रोसेसर के हम अपने कंप्यूटर में एक भी Task परफॉर्म नहीं कर पाएंगे|

CPU की पूरी देखरेख ऑपरेटिंग सिस्टम ही करता है, और किसी भी प्रोसेस को कंप्लीट करने के लिए उसे सीपीयू Allocate करता है इसकी पूरी जिम्मेदारी ऑपरेटिंग सिस्टम की होती है कि किस Process को Processor देना है ? कितनी देर तक के लिए देना है ? और process complete होने के बाद Processor वापस लेने की पूरी जिम्मेदारी एक operating system की ही होती है|

कंप्यूटर का CPU (Processor) पूरी तरह से ऑपरेटिंग सिस्टम पर निर्भर रहता है और ऑपरेटिंग सिस्टम सीपीयू का पूरा लेखा-जोखा रखता है कि अभी प्रोसेसर कौन कौन से task परफॉर्म कर रहा है ? कितने Task Complete हो चुके हैं ? कौन कौन से Task चल रहे हैं ? इन सब का पूरा लेखा-जोखा ऑपरेटिंग सिस्टम रखता है|

Improve Performance :

ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर की परफॉर्मेंस पर पूरा ध्यान रखता है यदि कंप्यूटर स्लो चल रहा है तो ऑपरेटिंग सिस्टम इसके कारण को पता करता है कि कंप्यूटर Slow क्यों चल रहा है और कारण मिल जाने पर जल्द से जल्द उसका Solution निकालने का प्रयास करता है और हमे screen पर दिखाता है|

यदि कंप्यूटर में कोई भी ऐसी गड़बड़ी आती है जिससे कंप्यूटर की Speed और Performance पर बुरा असर पड़ता है तो Operating System हमे तुरंत ही सतर्क कर देता है ताकि जल्द से जल्द हम उस प्रोब्लम को ठीक कर पाए|

System Security :

किसी भी कंप्यूटर यूजर की सिक्योरिटी और सुरक्षा का ऑपरेटिंग सिस्टम पूरा पूरा ध्यान रखता है हर यूजर अपने कंप्यूटर या मोबाइल में अपना जरूरी डेटा रखता है वह नहीं चाहता कि कोई रेंडम पर्सन उसे आसानी से एक्सेस कर सके या फिर कोई हैकर उसे हैक कर सके इसके लिए ऑपरेटिंग सिस्टम हमें कई सारे सिक्योरिटी फीचर्स भी प्रोवाइड करता है|

जैसे कि Password Protection, जिसमें कोई यूजर अपनी फाइल डॉक्यूमेंट या सॉफ्टवेयर को सुरक्षित रखने के लिए उन में पासवर्ड लगा सकता है ताकि कोई Other कंप्यूटर यूजर उसे एक्सेस ना कर सके|

Firewall को ही ले लीजिए जिसका use करके हम अपने system में Unauthorized users को access करने से रोक सकते हैं|

Error Detection & Correction : 

हमारे Computer में कभी कभी हमे कुछ Errors या दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, Operating System , Computer में आने वाले इन सभी Errors को Track करता है और उस Problem को fix करने के लिए हमे विकल्प या तरीके बताता है जिसे Trouble Shooting कहा जाता है|
यदि आप कंप्यूटर चलाते हैं तो आपने भी कभी कभी देखा होगा कि कोई Particular Task परफॉर्म करते समय आपको कोई Error का सामना करना पड़ता है जैसे कि यदि आपके Computer का wifi सही तरीके से काम नही कर रहा है या Wifi Driver Unplugged हो गया है तो आपका Computer आपको तुरंत ही सूचना देता है की क्या problem आई है और उसे कैसे Fix करें| यह सब एक Operating System के कारण ही संभव है|

Time Sharing :

Time Sharing एक ऐसी तकनीक है जिसमे एक विशेष computer का उपयोग एक समय में कई Users के बीच में Share किया जाता है जिससे एक Computer को एक समय में कई Users द्वारा Operate किया जा सकता है, इसे Time Sharing कहा जाता है|

Operating System की विशेषताएं (Characteristics Of Operating System in Hindi) : 

  • ऑपरेटिंग सिस्टम User को Graphical user interface (GUI) प्रोवाइड करता है जिससे कि यूजर को कंप्यूटर चलाने में आसानी मिलती है|
  • यह कंप्यूटर के यूजर की पूरी इंफॉर्मेशन रखता है और उसके द्वारा फॉर्म किए गए टास्क का भी रिकॉर्ड होता है की किसने कब कौन सा टास्क परफॉर्म किया|
  • यह कंप्यूटर में Error या Malware आने पर हमें जानकारी देता है और Error को सॉल्व करने में हमारी मदद भी करता है|
  • यह Password Protection और Firewall की मदद से हमारे सिस्टम को एक बेहतरीन सिक्योरिटी प्रदान करता है जिससे कि कोई भी Other यूजर हमारे पर्सनल कंप्यूटर को एक्सेस या यूज न कर सके|
  • ऑपरेटिंग सिस्टम यूजर और हार्डवेयर के बीच में कम्युनिकेशन बनाता है जिससे कि User हार्डवेयर को अपने कंप्यूटर के साथ यूज कर पाते हैं|
  • Operating system सिस्टम हेल्थ का पूरा पूरा ध्यान रखता है और सिस्टम की परफॉर्मेंस को Improve करने में हमारी मदद करता है|
  • ऑपरेटिंग सिस्टम सभी सॉफ्टवेयर को कंप्यूटर में Run कराने के लिए हमे Environment Provide करता है और उन्हें चलाने के लिए जरूरी Resources भी प्रोवाइड करता है|
  • ऑपरेटिंग सिस्टम Primary Memory, Secondary Memory और CPU को Manage करता है|

प्रमुख Operating System के नाम (Main Types Of Operating System in Hindi) :

1. Window OS :

Windows Operating System दुनिया का सबसे ज्यादा लोकप्रिय और ज्यादातर Users द्वारा उपयोग किया जाने वाला ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसे हम Personal Computer ऑपरेटिंग सिस्टम (PC OS) भी कह सकते हैं क्योंकि इसका ज्यादातर प्रयोग Personal कामों के लिए किया जाता है|

Windows Operating System ही एक ऐसा इकलौता Operating System है जिसे बड़ी मात्रा में personal कामों द्वारा ज्यादा संख्या में Computer Users द्वारा पसंद किया जाता है| अभी तक बाजार में Windows Operating System के कई Versions उपलब्ध है लेकिन उनमें से अभी present में कुछ खास Operating System है जिन्हे ज्यादातर Users द्वारा यूज किया जाता है ये हैं – Windows 7, windows 8, windows 10 आदि|

यह Microsoft द्वारा संचालित किया गया पहला सफलतम Product है जिसकी वजह से माइक्रोसॉफ्ट आज दुनिया में एक अलग पहचान है और जानी मानी कंपनियों में से एक है|

2. Mac OS : 

Mac OS भी एक बहुत ही लोकप्रिय Operating system है| Windows OS के बाद दूसरा सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला Operating System, Mac Operating System है जिसे Macintosh भी कहा जाता है|

Mac OS, अमेरिकी कंप्यूटर कंपनी Apple Inc द्वारा 1984 में कंपनी के Personal Computer की Macintosh Line के कंप्यूटर को चलाने के लिए पेश कितल्या गया था|Mac Operating system ने ही Computers को आसानी से Use करने के लिए Graphical user interface (GUI) की शुरुआत की थी|और इसके बाद ही इसने Operating System बनाने वाली सभी कंपनियों को GUI यूज करने के लिए प्रेरित किया|

साथ ही यह तो आपको पता ही होगा की Mac OS को Apple के अलावा और किसी भी तरह कंपनियों द्वारा बनाए गए Computers में प्रयोग करने के लिए लाइसेंस नहीं दिया गया है|मतलब कि ज्यादातर Features जो Apple के मोबाइल में होते हैं उन्हें हम एंड्रॉयड में यूज नहीं कर सकते हैं और जो एंड्रॉयड फोन में होते हैं उन्हें हम Apple के मोबाइल में यूज नहीं कर सकते हैं, यह सब Operating Systems के कारण ही होता है|

3. Linux OS : 

Linux OS एक Free और Open Source Operating System है जो| Free होने का मतलब की इसे हर User आसानी से free में Without any charges यूज कर सकता है, और Open Source का मतलब की इसे किसी भी तरह के Computer में आसानी से यूज किया जा सकता है, यह एक खुला स्त्रोत Operating system है|

कहा जाए तो यह Windows OS और Mac OS से इस मायने में अलग है की इसे Open Source के रूप में कही भी किसी भी Computer PC में Use किया जा सकता है|

हालांकि वैसे तो यह एक PC OS (Personal Computer Operating System) है लेकिन Personal Computers के साथ साथ इसे Mobile, Smart TV, Gaming Console और कई सारी Devices में Openly यूज किया जा सकता है|

Linux एक Virus Free Operating system है जिसमे Virus, Trojans और Malware आने के चांसेज ना के बराबर होते हैं, इसीलिए यह बाकी सारे अन्य Operating Systems की तुलना में अधिक Secure है|

इसकी Popularity का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हो की दुनिया के Top 500 Super Computers में से आधे से ज्यादा Super Computers में Linux Operating System का Use किया जाता है|

4. Android OS :

एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम (Android OS) आज के दौर में यूजर्स द्वारा सबसे ज्यादा उपयोग किया जाने वाला मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसे की मोबाइल में यूज करने के लिए बनाया गया है और इसे आज की मात्रा में सबसे ज्यादा यूजर्स द्वारा उपयोग किया जाता है|

एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम Linux Kernal और अन्य Open Source सॉफ्टवेयर पर आधारित एक मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसे की मुख्य रूप से Smartphone, Tablet जैसे टच स्क्रीन मोबाइलों को यूज करने के लिए बनाया गया है|

अगर मार्केट शेयर के हिसाब से देखें तो दुनिया के 71 % यूजर्स द्वारा मोबाइल में Operating System के रूप में एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम यूज किया जाता है

5. iOS :

  iOS एक मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसे कि मोबाइल पर चलाने के लिए यूज किया जाता है दरअसल इसे Apple कंपनी द्वारा खुद के द्वारा डिजाइन किए गए हार्डवेयर अर्थात एप्पल प्रोडक्ट्स पर चलाने के लिए बनाया और विकसित किया गया है, इसे Android Mobile या अन्य किसी डिवाइस पर यूज नहीं किया जा सकता है|

| IOS का फुल फॉर्म है iphone Operating System है| यह एक unix like ऑपरेटिंग सिस्टम है जो कि Darwin पर आधारित है|iOS का इस्तेमाल दरअसल iphone, ipad और ipods में किया जाता है|

6. Blackberry OS :

Blackberry OS एक जमाने में बहुत ही पॉपुलर  Operating System हुआ करता था| यह एक Mobile Operating System है जिसे की Mobile पर यूज करने के लिए बनाया गया था|

Blackberry OS एक प्राइवेट आपरेटिंग सिस्टम था iOS की तरह| इसे कनाडा की कंपनी Blackberry Limited द्वारा Blackberry -Line के स्मार्टफोन चलाने के लाइन बनाया गया था|

Blackberry Operating System, Blackberry -Line के मोबाइल को यूज करने के लिए Develope किया गया था लेकिन अब यह बंद हो चुका है, लेकिन जब Blackberry के Phones चला करते थे तब यह बहुत ही डिमांड में रहा करता था, तब के जमाने यह एक पॉपुलर Blackberry OS था|

लेकिन आज की सच्चाई यह है की अब इसे बंद कर दिया गया है|

7. Symbian OS :

Symbian ऑपरेटिंग सिस्टम एक मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम है| Android ऑपरेटिंग सिस्टम के आने से पहले यानी कि 2010 के पहले तक यह मोबाइल पर चलने वाला एक बहुत ही पॉपुलर ऑपरेटिंग सिस्टम था| Symbian ऑपरेटिंग सिस्टम को बड़ी-बड़ी फोन निर्माता कंपनियों जैसे कि Samsung, Motorola, सोनी और नोकिया जैसी कंपनियों द्वारा उपयोग किया जाता था लेकिन 2010 के अंत तक Android के आने के बाद यह धीरे-धीरे पिछड़ता गया|

8. Chrome OS :

Chrome OS का नाम सुनके आपको Chrome Browser की याद आ रही होगी लेकिन यह कोई ब्राउज़र नहीं है बल्कि एक ऑपरेटिंग सिस्टम है| दरअसल Chrome OS एक Mobile Operating System है| यह एक Private Open Source Linux Based ऑपरेटिंग सिस्टम है|

Chrome OS का मुख्य उद्देश्य Web Applications को एक ऑपरेटिंग सिस्टम के रूप में लैपटॉप डिवाइस में चलाना था जिसमें एप्लीकेशन और यूजर डाटा दोनों क्लाउड में रहते हैं| यह एक ओपन सोर्स प्रोजेक्ट का हिस्सा Chromium OS से लिया गया है|

जरूरी सवाल-जवाब (FAQ) :

 

1) ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है ? (Operating System Kya Hai)

Ans – ऑपरेटिंग सिस्टम एक System Software है जो कंप्यूटर को प्रयोग लायक बनाने के लिए उसे जरूरी Resources (संसाधन) प्रोवाइड करता है और कंप्यूटर और User के बीच कम्युनिकेशन स्थापित करता है|

2) ऑपरेटिंग सिस्टम का क्या कार्य है ?

Ans – वैसे तो एक Operating System बहुत सारे कार्य करता है लेकिन एक Operating System का मुख्य कार्य कम्प्यूटर हार्डवेयर और यूजर के बीच तालमेल और सामंजस्य स्थापित करना है|

3) आपरेटिंग सिस्टम कितने प्रकार के होते हैं ? 

Ans – ऑपरेटिंग सिस्टम अपनी कार्यक्षमता के आधार पर कई प्रकार के होते हैं जैसे की Batch Processing Operating System, Distributed Operating System, Real Time Operating System, Multi Tasking Operating System, Embedded Operating System आदि|

Conclusion :

इस आर्टिकल में Operating System से संबंधित सभी जरूरी सवालों  जैसे Operating System Kya hai (What is Operating System in Hindi), ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार (Types Of Operating system in hindi), ऑपरेटिंग सिस्टम की विशेषताएं क्या है ? (Function of Operating System in Hindi), ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्य (Uses of Operating System in Hindi)  आदि को कवर किया गया है, Must Read Full Article & Grow Your Knowledge 👍

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