मध्यप्रदेश का गठन एवं पुनर्गठन| जानिए कब और कैसे बना था अपना मध्यप्रदेश| Madhyapradesh Ka Gathan kab hua tha|

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मध्यप्रदेश का गठन और निर्माण, mp ka gathan kab hua
मध्यप्रदेश का गठन और निर्माण
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

मध्यप्रदेश का इतिहास :

ब्रिटिश काल में मध्य प्रदेश को सेंट्रल प्रोविजंस और बरार के नाम से जाना जाता था|वर्ष 1947 में देश के आजाद होने के बाद मध्यपदेश नाम की कोई भी रियासत या राज्य नहीं था| मध्य प्रदेश राज्य का गठन 3 भागों को मिलाकर किया गया था| स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात मध्य प्रदेश को तीन श्रेणियों या पार्ट्स में विभाजित कर दिया गया|(madhyapradesh ka itihaas)
पार्टी A सीपी बरार, पार्ट B मध्य भारत प्रांत तथा पार्टी C के अंतर्गत विंध्य प्रदेश और भोपाल स्टेट को रखा गया था| इन तीनों श्रेणियों की राजधानी नीचे निम्न प्रकार से है –
 
मध्यप्रदेश का विभाजन
पार्ट्स अंतर्गत क्षेत्र
 पार्ट A  सीपी बरार
 पार्ट B  मध्य भारत प्रांत
 पार्ट C  विंध्य प्रदेश और भोपाल स्टेट

पार्ट A (सेंट्रल प्रोविजन एंड बरार) :

 
  • यह सबसे प्रमुख पार्ट है यह प्रत्यक्ष ब्रिटिश शासित क्षेत्र था जिसे सेंट्रल प्रोविजन एंड या मध्य प्रांत भी कहते थे|
  •  इसके अंतर्गत महाकौशल, विदर्भा, छत्तीसगढ़ के क्षेत्र शामिल थे|(mp ka vibhajan kab hua tha)
  •  इसकी राजधानी नागपुर थी|
  •  इसके प्रथम मुख्यमंत्री पंडित रविशंकर शुक्ला थे जो बाद में पुनर्गठित मध्य प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री भी बने|
  • सीपी बरार के अंतर्गत 15 रियासतें शामिल थी|
  • सेंट्रल प्रोविजंस तथा बरार में छत्तीसगढ़ और बघेलखड क्षेत्र को मिलाकर पार्ट A (स्टेट A) बनाया गया था|(madhyapradesh ka nirmaan kab hua)
  • 2 नवंबर 1861 को सेंट्रल प्रोविजंस कथा 24 अक्टूबर 1936 को बरार प्रांत का गठन किया गया था|
  • मध्य भारत के प्रथम मुख्यमंत्री लीलाधर जोशी तथा प्रथम राज्यपाल तखटमल जैन थे|
 

पार्ट B (मध्य भारत ):

  • पश्चिम की रियासतों को मिलाकर पार्ट बी (स्टेट B) बनाया गया था|
  • इसकी राजधानी ग्वालियर तथा इंदौर थी|
  • मध्य भारत प्रांत के अंतर्गत 25 रियासतें थी जिसमें सिंधिया होलकर और पवार वंश की रियासतें थी जो कि क्रमशः ग्वालियर ,इंदौर और देवास की बड़ी रियासतें थी|
  •  इसकी राजधानी छह माह ग्वालियर और छह माह इंदौर होती थी|
 

पार्ट C (विंध्य प्रदेश और भोपाल स्टेट) :

  • 12 मार्च 1948 को बुंदेलखंड और बघेलखंड की 38 रियासतों को मिलाकर विंध्य प्रदेश का निर्माण किया गया था|
  • इसकी राजधानी रीवा को बनाया गया था|
  • पार्ट सी के मुख्यमंत्री डॉ शंकर दयाल शर्मा थे|
  • भोपाल को भी पार्ट सी के अंतर्गत ही रखा गया था, इस प्रकार पार्ट सी में कुल 39 रियासतें थी|
  • पार्ट C विंध्य प्रदेश के तहत रीवा ,सतना, पन्ना आदि रियासतें शामिल थी|
 
सभी भागों का विवरण 
स्टेट स्टेट का नाम राजधानी कुल रियासते प्रथम मुख्यमंत्री
 A  सेंट्रल प्रोविजंस एंड बरार  नागपुर  15  पंडित रविशंकर शुक्ला
 B  मध्य भारत प्रांत  ग्वालियर और इंदौर  25  श्री तखतमल जैन
 C  विंध्य प्रदेश और भोपाल स्टेट  रीवा  39  शंकर दयाल शर्मा
 
 
• मध्य प्रदेश के पुनर्गठन के समय कुल 79 रियासतें शामिल की गई थी| जिसमें सीपी बराबर से 15, मध्य भारत से 25 तथा विंध्य प्रदेश और भोपाल स्टेट से 39 रियासतें शामिल की गई थी|(mp ka gathan in hindi)

Table 1
पार्ट क्षेत्र रियासतों की संख्या
 पार्ट A  सीपी बरार  15
 पार्ट B  मध्य भारत प्रांत  25
 पार्ट C  विंध्य प्रदेश और भोपाल स्टेट  38 + 1
   कुल रियासतें  79
 
 
 
 

राज्य पुनर्गठन आयोग (मध्यप्रदेश के गठन की प्रक्रिया) :

 
राज्यों के गठन से संबंधित अनेक समितियों का गठन किया गया| जिनमें एस के धर समिति ,जेबीपी समिति (जिसे जवाहरलाल नेहरू, वल्लभभाई पटेल, पट्टाबी सीता रमैया समिति के नाम से जाना जाता है) बनाई गई| (mp ka gathan gk)
 
22 दिसंबर 1953 फजल अली के नेतृत्व में राज्यों के पुनर्गठन के लिए फजल अली आयोग का गठन किया गया जिसमें 3 सदस्य थे – फजल अली (अध्यक्ष) ,हृदय नाथ कुंजरू, के एम पड़ीकर|
इस आयोग के द्वारा 30 सितंबर सन 1955 को एक रिपोर्ट सौंपी गई तथा इस रिपोर्ट के आधार पर 1956 में राज्य पुनर्गठन अधिनियम पारित किया गया जिसके अंतर्गत 14 राज्य तथा 6 केंद्र शासित प्रदेश बनाए गए| (madhyapradesh ke gathan ki prakriya)
फजल अली की अध्यक्षता में 1953 में गठित राज्य पुनर्गठन आयोग की अनुशंसा के आधार पर 1 नवंबर 1956 को नवीन मध्य प्रदेश का गठन किया गया|नवनिर्मित मध्य प्रदेश में कुल 43 जिले तथा 9 संभाग थे|(mp me kitne jile hai)
 
राज्य पुनर्गठन आयोग 1953 की सिफारिशों के आधार पर राज्य की सीमाओं में निम्नलिखित परिवर्तन किए गए :
  • पार्ट A में से 8 जिले बुलढ़ाना, अकोला, अमरावती यवतमाल, वर्धा नागपुर, भंडारा , चांदा को तत्कालीन मुंबई राज्य (महाराष्ट्र) में मिला दिया गया शेष पार्ट A का भाग ,मध्य प्रदेश का भाग बना|
  • मंदसौर जिले की भानपुरा तहसील के सुनील टप्पा को छोड़कर शेष भाग को मध्यप्रदेश में मिला लिया गया|
  • राजस्थान के कोटा जिले की सिरोंज तहसील को मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में मिला लिया गया|शेष पार्ट B का हिस्सा वर्तमान मध्य प्रदेश का भाग बना|
  • पार्ट C (विंध्य प्रदेश) के पूरे पूरे भाग को मध्यप्रदेश में मिलाया गया|
  • 1 नवंबर 1956 में मध्यप्रदेश 43 जिलों तथा 9 संभाग के साथ अस्तित्व में आया|
  • नवीन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को बनाई गई ,जो पूर्व में सीहोर जिले की एक तहसील थी|(mp me kitne sambhag hai)
 
 

मध्यप्रदेश मे जिलों की बढ़ोत्तरी का क्रम (madhyapradesh ka gathan kab hua) :

  • नवनिर्मित मध्यप्रदेश में 43 जिले तथा 9 संभाग थे|
  • 26 जनवरी 1972 को भोपाल और राजनंदगांव दो नए जिले बनाए गए| इस प्रकार मध्य प्रदेश में जिलों की संख्या 45 हो गई|
  • 1980 में चंबल एवं बस्तर संभाग का गठन किया गया और बाद में होशंगाबाद को भी संभाग बनाया गया| इस प्रकार मध्य प्रदेश में 45 जिले व 12 संभाग हो गए|
  • बीपी दुबे की अध्यक्षता में 1983 में जिला पुनर्गठन आयोग का गठन किया गया|
  • जिला पुनर्गठन आयोग की अनुशंसा के आधार पर 25 मई 1998 को 10 नए जिले बनाए गए|
  • इसके बाद 30 जून 1998 को सिंह देव समिति की अनुशंसा पर 6 नवीन जिले बनाए गए| इस प्रकार मध्य प्रदेश में जिलों की संख्या 61 तथा संभाग की संख्या 12 हो गई|
  • 31 अक्टूबर 2000 राज्य पुनर्गठन में छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश से 16 जिले और 3 संभाग लेकर अलग हो गया| इस प्रकार मध्यप्रदेश में फिर से जिलों की संख्या 45 तथा संभाग की संख्या 9 हो गई|
  • वर्ष 2003 में 3 जिले बुरहानपुर (खंडवा से), अनूपपुर (शहडोल से) तथा अशोकनगर (गुना से) का गठन किया गया जिससे मध्य प्रदेश में जिलों की संख्या 48 हो गई|
  • वर्ष 2008 में 2 नए जिले अलीराजपुर और सिंगरौली को बनाया गया इस प्रकार जिलों की संख्या 50 हो गई|
  • वर्ष 2013 में शाजापुर जिला (आगरमालवा से) का गठन किया गया इस प्रकार मध्य प्रदेश में जिलों की संख्या 51 हो गई|
  • 1 अक्टूबर 2018 को टीकमगढ़ जिले के हिस्से से अलग कर निवाड़ी जिले का गठन किया गया| जो कि मध्य प्रदेश का 52 वा जिला बना| जो की सागर संभाग के अंतर्गत आता है|
  • निवाड़ी जिला मध्य प्रदेश का सबसे छोटा जिला है|(mp ka gathan in hindi)
 

मध्य प्रदेश के नवगठित जिलों के नाम :

 
नवगठित जिलों का विवरण
नवीन जिले गठन वर्ष मूल जिले का नाम
 शिवपुर  1998  मुरैना
 उमरिया  1998  शहडोल
 नीमच  1998  मंदसौर
 हरदा  1998  होशंगाबाद
 कटनी  1998  जबलपुर
 डिंडोरी  1998  मंडला
 बड़वानी  1996  पश्चिम निमाड़ (खरगोन)
 बुरहानपुर  2003  खंडवा (पूर्व निमाड़)
 अशोकनगर  2003  गुना
 अनूपपुर  2003  शहडोल
 अलीराजपुर  2008  सीधी
 आगर मालवा  2013  शाजापुर
 
वर्तमान मध्य प्रदेश प्रशासनिक तौर पर 52 जिले और 10 संभगों में बटा हुआ है|
 

मध्यप्रदेश के संभाग और जिले (mp ke sambhag aur jile) :

 
म. प्र. के संभाग और जिले
संभाग जिलों की संख्या जिलों के नाम
 चंबल संभाग  3  शयोपुर, मुरैना, भिंड
 ग्वालियर संभाग  5  ग्वालियर ,शिवपुरी, गुना ,अशोकनगर, दतिया
 उज्जैन संभाग  7  देवास, रतलाम, शाजापुर, मंदसौर ,नीमच, उज्जैन ,आगर मालवा
 इंदौर संभाग  8  इंदौर, धार ,झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी ,खंडवा, बुरहानपुर
 भोपाल संभाग  5  भोपाल, राजगढ़ ,सीहोर, रायसेन ,विदिशा
 नर्मदापुरम संभाग  3  होशंगाबाद, हरदा ,बैतूल
 सागर संभाग  6  सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी
 जबलपुर संभाग  8  जबलपुर ,कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट ,डिंडोरी
 रीवा संभाग  4  रीवा, सीधी, सिंगरौली, सतना
 शहडोल संभाग  3  शहडोल ,उमरिया, अनूपपुर
 
1956 में मध्य प्रदेश के गठन के समय कितने जिले थे ?
 

1956 में मध्य प्रदेश के गठन के समय, इसमें कुल 29 जिले थे। इन जिलों के नाम निम्नलिखित थे:

1. आगरा
2. बालाघाट
3. भोपाल
4. चंदौली
5. छतरपुर
6. दमोह
7. दतिया
8. गुना
9. ग्वालियर
10. हमीरपुर
11. हरदा
12. होशंगाबाद
13. झाबुआ
14. झाबुआ (उत्तर)
15. कटनी
16. खगड़िया
17. मंडला
18. मोरना
19. नरसिंहपुर
20. नीमच
21. राजगढ़
22. रायसेन
23. रेवा
24. शहडोल
25. शाजापुर
26. शिवपुरी
27. तिकमगढ़
28. उज्जैन
29. विदिशा

इन जिलों के बाद मध्य प्रदेश में नए जिले बनाए गए हैं और वर्तमान में मध्य प्रदेश में कुल 52 जिले हैं।

 

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