भारतीय संविधान के प्रमुख स्त्रोत|(Main Source Of Indian Constitution Hindi Pdf)

भारतीय संविधान के प्रमुख स्त्रोत, sources of indian constitution
भारतीय संविधान के प्रमुख स्त्रोत

आपको इतना तो पता ही होगा की हमारे देश भारत का संविधान कब बनकर तैयार हुआ था| तो चलिए जान लेते है अपने भारतीय संविधान के बारे में कुछ जरूरी जानकारियां जिसे जानना हमारे लिए बहुत ही आवश्यक है और एक अन्य प्रश्न भारतीय संविधान के निर्माण के स्रोतों की व्यााख्या कीजिए|

तो यदि आप भारतीय संविधान के बारे में बात करे तो हमारा संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था, सबसे पहले संविधान का निर्माण करने के लिए संविधान सभा का निर्माण किया गया, जिसके पहली बैठक (11 दिसंबर 1946) में सभा के अस्थाई अध्यक्ष (उम्र के हिसाब से) डॉ. सच्चिदानंद को चुना गया था| उसके बाद सभा का स्थाई अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद को चुना गया था|

संविधान को निर्मित करने में महत्वपूर्ण योगदान देने में प्रारूप समिति का बहुत बड़ा योग रहा|जिसकी स्थापना सन् 29 अगस्त 1947 में की गई थी|जिसके अध्यक्ष डॉ. भीम राव अंबेडकर को बनाया गया था|

भारतीय संविधान के मूल रूप में, जब संविधान बना था (26 जनवरी 1950) तब इसमें केवल 395 अनुच्छेद, 8 अनुसूचियां और 22 भाग थे| लेकिन वर्तमान में भारतीय संविधान में 465 अनुच्छेद, 25 भाग और 12 अनुसूचियां हैं|

हमारा संविधान हमारे देश और राज्य शासन को चलाने के लिए बहुत ही आवश्यक और सार्थक दस्तावेज है, जिसके बिना एक नियमित और बेहतर शासन व्यवस्था और मानव जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है|

हमारे संविधान में पूरे देश को सुचारू रूप से चलाने का पूरा ब्योरा है की क्या कैसे करना है, किस देश को किस तरीके से चलाना है, कहा पर कैसे शासन करना है ताकि मानव जीवन को भी कोई कष्ट न पहुंचे, इसके लिए संविधान में देशभर के सभी नियमों और कानूनों के बारे में विस्तार से वर्णित किया गया है|

हमारे भारतीय संविधान को भी कई देशों के संविधान को देखकर और परखकर भी बनाया गया है ताकि बाद में इसमें कोई त्रुटि या कमी न पाई जाए|

इसमें भारतीय शासन अधिनियम 1935 का भी बहुत बड़ा योगदान रहा है, क्युकी उसमे में हमारे भारतीय संविधान में कुल 250 अनुच्छेद अपने संविधान में जोड़े गए हैं|अतः यह हमारे भारतीय संविधान के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है|

संविधान के स्रोत (Bhartiya samvidhan ke srot in hindi pdf)

हम सभी यह जानते हैं की भारतीय संविधान को बनाने में बहुत से स्रोतों के प्रावधान लिए गए हैं|

संविधान बनाते समय संविधान सभा द्वारा 60 देशों के संविधान का पहले अच्छी तरह से मूल्यांकन किया गया था और उनमें से जो प्रावधान या नियम कानून अपने संविधान के लिए सही लगे उनमें थोड़े से बदलाव या संशोधन करके अप्रत्यक्ष रूप से जोड़ लिए गए|

भारतीय संविधान का सबसे बड़ा स्रोत भारतीय शासन अधिनियम 1935 है| यह भारतीय संविधान का सबसे बड़ा स्रोत है क्योंकि संविधान बनाते समय इसमें से 250 अनुच्छेद अपने भारतीय संविधान में सम्मिलित किए गए थे|

इन प्रश्नों पर जवाब जरूरी :

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भारतीय संविधान के विदेशी स्रोत (Source Of Indian Constitution Upsc)

हम जानते हैं कि भारतीय संविधान को बनाने में कई विदेशी स्रोतों का सहारा लिया गया है तो चलिए अब उन विदेशी स्रोतों और उन देशों के बारे में जान लेते हैं जो हमारे संविधान के स्रोत हैं|Bhartiya samvidhan ke srot bataiye –
भारतीय संविधान के प्रमुख स्रोतों के विवरण
क्र. भारतीय संविधान के स्रोत लिए गए प्रावधान
 1.  भारतीय शासन अधिनियम 1935 ▪️संघात्मक तंत्रीय व्यवस्था ▪️न्यायपालिका की शक्ति ▪️लोक सेवा आयोग ▪️आपातकालीन प्रावधान ▪️राजपाल का कार्यालय ▪️राजनीति का आधारभूत ढांचा
▪️प्रशासनिक विवरण
 2.  संयुक्त राज्य अमेरिका ▪️ मौलिक अधिकार ▪️संविधान की सर्वोच्चता ▪️सर्वोच्च न्यायालय ▪️न्यायिक पुनरावलोकन ▪️न्यायपालिका की स्वतंत्रता
▪️राष्ट्रपति पर महाभियोग की प्रक्रिया
▪️उपराष्ट्रपति का पद एवं राज्यसभा मे पदेन सभापति ▪️उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों को पद से हटाने की विधि
▪️वित्तीय आपात
▪️राष्ट्रपति का सेनाओं का सर्वोच्च कमांडर होना ▪️राष्ट्रपति में संघ की कार्यपालिका शक्ति
 3.  ब्रिटेन  संसदीय शासन प्रणाली एकल नागरिकता विधि निर्माण प्रक्रिया विधि का शासन मंत्रिमंडल प्रणाली परमाधिकार लेख संसदीय विशेषाधिकार द्विसदनीय प्रणाली व्यवस्था चुनाव में सर्वाधिक मत के आधार पर जीत की प्रक्रिया
4.  पूर्व सोवियत संघ  मूल कर्तव्यों का प्रावधान प्रस्तावना में सामाजिक आर्थिक और राजनैतिक न्याय का आदर्श
 5.  ऑस्ट्रेलिया  प्रस्तावना की भाषा सातवीं सूची की समवर्ती सूची का प्रावधान केंद्र एवं राज्यों के बीच संबंध तथा शक्तियों का विभाजन व्यापार वाणिज्य और समागम की स्वतंत्रता केंद्र के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक
6.  आयरलैंड ▪️नीति निर्देशक सिद्धांत ▪️राष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल की व्यवस्था एवं निर्वाचन की पद्धति
▪️राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा में साहित्य, कला, विज्ञान तथा समाज सेवा इत्यादि के क्षेत्र में ख्याति प्राप्त व्यक्तियों का मनोनयन
▪️राज्यसभा के लिए सदस्यों का नामांकन
 7.  कनाडा ▪️सरकार की संघीय व्यवस्था
▪️केंद्र के पास अवशिष्ट शक्तियां
▪️केंद्र द्वारा राज्य के राज्यपालों की नियुक्ति
▪️संघ और राज्य के बीच शक्तियों का वितरण
▪️उच्चतम न्यायालय का परामर्श न्याय निर्णयन
 8.  फ्रांस ▪️गणतंत्रत्मक व्यवस्था ▪️प्रस्तावना में स्वतंत्रता, समता, बंधुता के आदर्श|
9.  जापान ▪️विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया का सिद्धांत
 10.  जर्मनी ▪️आपातकाल के प्रवर्तन के दौरान राष्ट्रपति को मौलिक अधिकार संबंधी शक्तियां अर्थात आपातकाल के समय मूल अधिकारों का स्थगन
 11.  दक्षिण अफ्रीका ▪️संविधान संशोधन की प्रक्रिया का प्रावधान ▪️राज्यसभा के सदस्यों का निर्वाचन
यह उन देशों और उनके द्वारा लिए गए प्रावधानों के नाम है जिन्हे भारतीय संविधान में सम्मिलित किया गया है|

निष्कर्ष :

आशा करता हूं कि अब आपको उन सभी स्रोतों के बारे मे पता चल चुका होगा जिन्हे भारतीय संविधान का निर्माण करते वक्त प्रयोग में लाया गया था|
 अगर आपको आज का हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करिए|

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